बगावत के बवंडर के बीच नामांकन, ट्रेफिक नियम तार-तार
जयपुर। निकाय चुनाव के लिए प्रत्याशियों के टिकट तय होने के साथ ही विरोध के स्वर तेज होने लगे हैं। दोनों ही पार्टियों में सबसे ज्यादा विरो...
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जयपुर। निकाय चुनाव के लिए प्रत्याशियों के टिकट तय होने के साथ ही विरोध के स्वर तेज होने लगे हैं। दोनों ही पार्टियों में सबसे ज्यादा विरोध पेराशूटर्स को लेकर हो रहा है। मंगलवार सुबह जयपुर शहर भाजपा सांसद रामचरण बोहरा और विधायक सुरेंद्र पारीक के आवास पर भाजपा कार्यकर्ता विरोध करने पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। भाजपा प्रदेश कार्यालय में अतिरिक्त पुलिस जाप्ता लगाने के साथ बैरिकेटिंग की गई है।
नगर निगम में पार्षद का चुनाव लड़ने के लिए मंगलवार को आखिरी दिन कलक्ट्रेट में प्रत्याशियों की भीड़ उमड़ी। भाजपा व कांग्रेस की ओर से अंतिम समय पर अधिकृत प्रत्याशी घोषित करने के कारण मंगलवार को सुबह 10 बजे से ही नामांकन दाखिल करने वाले अपने समर्थकों के साथ पहुंच गए। इससे कलेक्ट्रेट सर्किल पर जाम लग गया।
जिला प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए वाहनों को कलेक्ट्रेट से दो किलोमीटर पहले ही रोक लिया। इससे पुलिस व आम लोगों की बीच विवाद भी हुआ। अधिकारियों ने रेवन्यू केस व अन्य काम के सिलसिले में दूर दराज के गांवों से आए लोगों को भी कलेक्ट्रेट में नहीं जाने दिया।
नामांकन के दौरान अव्यवस्थाएं : कलेक्टर ने हर विधानसभा का एक सहायक रिटर्निंग अधिकारी लगाया था। इससे विधानसभा क्षेत्र में आने वाले सभी वार्डों के प्रत्याशी एक साथ नामांकन दाखिल करने पहुंच गए। एक साथ भीड़ आने से प्रशासन की व्यवस्थाएं चरमरा गईं। हालांकि कलेक्टर ने एआरओ के सहयोग के लिए अतिरिक्त अधिकारी लगाए थे, लेकिन कर्मचारियों की सीमित संख्या के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
ट्रेफिक नियमों को किया तार-तार : मंगलवार को नामांकन का आखिर दिन होने के कारण नामांकन के लिए पहुंचे उम्मीदवारों और उनके साथ मौजूद सर्मथकों की भीड़ से कलेक्ट्रेट परिसर अटा पड़ा रहा। वहीं इस दौरान गाजे के साथ लवाजमे के साथ जुलूस के रूप में नामांकन के लिए पहुंचे उम्मीदवारों और समर्थकों ने ट्रैफिक नियमों की भी जमकर धज्जियां उड़ाई। नामांकन के लिए पहुंचे उम्मीदवारों के साथ मौजूद उनके समर्थक दोपहिया व चौपहिया वाहनों पर सवार थे, जिनमें से किसी ने भी ना तो सीट बेल्ट लगा रखी थी और ना ही किसी ने हैलमेट पहन रखा था। इतना ही नहीं कई साइकिलें ऐसी भी थी जिन पर तीन-तीन सवारियां बैठी हुई नजर आई।
नगर निगम में पार्षद का चुनाव लड़ने के लिए मंगलवार को आखिरी दिन कलक्ट्रेट में प्रत्याशियों की भीड़ उमड़ी। भाजपा व कांग्रेस की ओर से अंतिम समय पर अधिकृत प्रत्याशी घोषित करने के कारण मंगलवार को सुबह 10 बजे से ही नामांकन दाखिल करने वाले अपने समर्थकों के साथ पहुंच गए। इससे कलेक्ट्रेट सर्किल पर जाम लग गया।
जिला प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए वाहनों को कलेक्ट्रेट से दो किलोमीटर पहले ही रोक लिया। इससे पुलिस व आम लोगों की बीच विवाद भी हुआ। अधिकारियों ने रेवन्यू केस व अन्य काम के सिलसिले में दूर दराज के गांवों से आए लोगों को भी कलेक्ट्रेट में नहीं जाने दिया।
नामांकन के दौरान अव्यवस्थाएं : कलेक्टर ने हर विधानसभा का एक सहायक रिटर्निंग अधिकारी लगाया था। इससे विधानसभा क्षेत्र में आने वाले सभी वार्डों के प्रत्याशी एक साथ नामांकन दाखिल करने पहुंच गए। एक साथ भीड़ आने से प्रशासन की व्यवस्थाएं चरमरा गईं। हालांकि कलेक्टर ने एआरओ के सहयोग के लिए अतिरिक्त अधिकारी लगाए थे, लेकिन कर्मचारियों की सीमित संख्या के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
ट्रेफिक नियमों को किया तार-तार : मंगलवार को नामांकन का आखिर दिन होने के कारण नामांकन के लिए पहुंचे उम्मीदवारों और उनके साथ मौजूद सर्मथकों की भीड़ से कलेक्ट्रेट परिसर अटा पड़ा रहा। वहीं इस दौरान गाजे के साथ लवाजमे के साथ जुलूस के रूप में नामांकन के लिए पहुंचे उम्मीदवारों और समर्थकों ने ट्रैफिक नियमों की भी जमकर धज्जियां उड़ाई। नामांकन के लिए पहुंचे उम्मीदवारों के साथ मौजूद उनके समर्थक दोपहिया व चौपहिया वाहनों पर सवार थे, जिनमें से किसी ने भी ना तो सीट बेल्ट लगा रखी थी और ना ही किसी ने हैलमेट पहन रखा था। इतना ही नहीं कई साइकिलें ऐसी भी थी जिन पर तीन-तीन सवारियां बैठी हुई नजर आई।
