रामपाल के बाद अब कोर्ट के निशाने पर राम रहीम!
नई दिल्ली। देश में भले ही अच्छे दिन आए हो या ना आए हो लेकिन कथित संतों के मामले में सरकार के सख्त रवैए को देखकर लगता है कि आस्था के नाम ...
https://khabarrn1.blogspot.com/2014/11/gurmeet-ram-raheem-may-be-the-target-of-court-after-rampal.html
नई दिल्ली। देश में भले ही अच्छे दिन आए हो या ना आए हो लेकिन कथित संतों के मामले में सरकार के सख्त रवैए को देखकर लगता है कि आस्था के नाम पर संतों का चौला पहनकर बैठे कथित संतों के बुरे दिन जरूर आ गए हैं। पहले आसाराम और अब रामपाल के मामले से तो कुछ ऐसा ही प्रतीत होता है।
हाल ही में हरियाणा के हिसार से पुलिस की गिरफ्त में आए स्वयंभू संत रामपाल इन दिनों अपने दिन जेल में कम्बल के सहारे रातें काट रहे हैं। रामपाल के बाद अब लग अंदेशा जताया जा रहा है कि अदालत के निशाने पर हरियाणा के ही एक ओर बाबा हैं।
सूत्रों के मुताबिक पंचकूला की सीबीआई कोर्ट ने सिरसा में डेरा जमाए सच्चा सौदा के मुखिया गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ शिकंजा कस दिया है। बीती 15 नवंबर को अदालत ने एक फैसला सुनाया, जिसमें कहा गया है कि राम रहीम के खिलाफ बलात्कार और हत्या के जो मामले चल रहे हैं, उनकी अलग-अलग सुनवाई होगी। अदालत ने राम रहीम के खिलाफ डेरा निवासी के यौन उत्पीड़न के मामले की अगली सुनवाई का दिन 29 नवंबर तय किया है। इसके आलावा दो हत्याओं के चल रहे मामले की अगली सुनवाई के लिए 6 दिसंबर का दिन तय किया गया है।
बताया जा रहा है कि इस सुनवाई में राम रहीम उपस्थित नहीं हुए और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उन्होंने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उल्लेखनीय है कि बीती 14 नवंबर को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को लताड़ लगाई थी और पूछा था कि हत्या और कोर्ट की अवमानना के मामले में वांछित बाबाओं को कोर्ट में पेश के लिए सरकार नाकाम क्यों हो रही है।
राम रहीम के खिलाफ ताजा याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस के. कन्नन ने कहा, ‘अदालतें बाबाओं के आदेश से नहीं चलती। फर्जी बाबा लोग अपने आपको समझते क्या हैं? उन्हें पता होना चाहिए कि भगवान कृष्ण ने भी कुछ समय जेल में बिताया था। अदालतों को न्यायाधीश चलाते हैं, बाबा नहीं।’ अक्टूबर महीने में कोर्ट ने राम रहीम के खिलाफ रेप और हत्या के मामले से जुड़े सारे दस्तावेज मांगे थे।
उल्लेखनीय है कि साल 2002 में राम रहीम के ही दो भक्तों ने तत्तकाली प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पंजाब के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने राम रहीम के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाया था। इसके बाद कोर्ट ने सितंबर 2002 में सीबीआई जांच का आदेश दिया था, इस मामले में 30 जुलाई 2007 को चार्जशीट फाइल हुई थी।
हाल ही में हरियाणा के हिसार से पुलिस की गिरफ्त में आए स्वयंभू संत रामपाल इन दिनों अपने दिन जेल में कम्बल के सहारे रातें काट रहे हैं। रामपाल के बाद अब लग अंदेशा जताया जा रहा है कि अदालत के निशाने पर हरियाणा के ही एक ओर बाबा हैं।
सूत्रों के मुताबिक पंचकूला की सीबीआई कोर्ट ने सिरसा में डेरा जमाए सच्चा सौदा के मुखिया गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ शिकंजा कस दिया है। बीती 15 नवंबर को अदालत ने एक फैसला सुनाया, जिसमें कहा गया है कि राम रहीम के खिलाफ बलात्कार और हत्या के जो मामले चल रहे हैं, उनकी अलग-अलग सुनवाई होगी। अदालत ने राम रहीम के खिलाफ डेरा निवासी के यौन उत्पीड़न के मामले की अगली सुनवाई का दिन 29 नवंबर तय किया है। इसके आलावा दो हत्याओं के चल रहे मामले की अगली सुनवाई के लिए 6 दिसंबर का दिन तय किया गया है।
बताया जा रहा है कि इस सुनवाई में राम रहीम उपस्थित नहीं हुए और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उन्होंने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उल्लेखनीय है कि बीती 14 नवंबर को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को लताड़ लगाई थी और पूछा था कि हत्या और कोर्ट की अवमानना के मामले में वांछित बाबाओं को कोर्ट में पेश के लिए सरकार नाकाम क्यों हो रही है।
राम रहीम के खिलाफ ताजा याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस के. कन्नन ने कहा, ‘अदालतें बाबाओं के आदेश से नहीं चलती। फर्जी बाबा लोग अपने आपको समझते क्या हैं? उन्हें पता होना चाहिए कि भगवान कृष्ण ने भी कुछ समय जेल में बिताया था। अदालतों को न्यायाधीश चलाते हैं, बाबा नहीं।’ अक्टूबर महीने में कोर्ट ने राम रहीम के खिलाफ रेप और हत्या के मामले से जुड़े सारे दस्तावेज मांगे थे।
उल्लेखनीय है कि साल 2002 में राम रहीम के ही दो भक्तों ने तत्तकाली प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पंजाब के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने राम रहीम के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाया था। इसके बाद कोर्ट ने सितंबर 2002 में सीबीआई जांच का आदेश दिया था, इस मामले में 30 जुलाई 2007 को चार्जशीट फाइल हुई थी।
