…पर, किसी में वो राम, कृष्ण क्यों नहीं है : कैलाश खेर

PR मुंबई। कैलाश खेर जब भी कोई गाना गाते हैं तो वो हमेशा ही श्रोताओं के दिलो-दिमाग पर अपना असर छोड़ जाता है। ऐसा ही कुछ हो रहा है, उनके ...

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मुंबई। कैलाश खेर जब भी कोई गाना गाते हैं तो वो हमेशा ही श्रोताओं के दिलो-दिमाग पर अपना असर छोड़ जाता है। ऐसा ही कुछ हो रहा है, उनके नये गाने “है रहम है करम तेरा ऐ खुदा” के साथ।

फिल्म “लक्ष्मी” का यह भावपूर्ण गीत श्रोताओं पर असर दिखा रहा है। “हक़ से जीने का हक़ तू कर अदा”  इस गाने की लाइनें तो आज के सन्दर्भ में तो बिलकुल ही सटीक बैठती हैं, क्योंकि आज जिस तरह हमारे समाज में महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं उनका शोषण हो रहा है।

आमतौर पर  कैलाश खेर के गीत सर्वोच्च शक्ति यानि भगवान को समर्पित होते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने कोशिश की है, हमारे समाज में फैले पुरुष और महिला के बीच असंतुलन को संतुलित करने की।


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