इस बार मकर संक्रांति के दिन होगा अंकों का अद्भुत संयोग
जयपुर। यूं तो मकर सक्रांति पर्व हमेशा ही दान-पुण्य के कार्यों के लिए ख़ास दिन होता है, लेकिन इस बार यह पर्व कुछ भी ख़ास रहेगा। ज्योतिषीय ज...
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जयपुर। यूं तो मकर सक्रांति पर्व हमेशा ही दान-पुण्य के कार्यों के लिए ख़ास दिन होता है, लेकिन इस बार यह पर्व कुछ भी ख़ास रहेगा। ज्योतिषीय जानकारों के मुताबिक इस बार तारीख, वर्ष व तिथि तीनों का अंक 14 हो रहा है, इस लिहाज से इस साल आने वाली मकर सक्रांति दान-पुण्य के कर्मों के लिए बहुत ही ख़ास होगी।
इस साल आने वाली मकर सक्रांति के दिन 14 तारीख के साथ ही वर्ष 2014 और तिथि चतुर्दशी का संयोग बन रहा है। दिन, तिथि एवं वर्ष के अद्भुत संयोग से इस बार मकर सक्रांति वाले दिन 14-14-14 का संयोग बन रहा है, जो ज्योतिषीय गणनाओं के हिसाब से इस संयोग को बेहद शुभ माना जा रहा है।
ज्योतिषियों एवं वास्तुविदों के अनुसार 14 का मूलांक 5 है। अंक शास्त्र व वैदिक ज्योतिष शास्त्र के आधार पर मूलांक 5 सिंह राशि में आता है, जिसके स्वामी सूर्य हैं। इसके साथ ही चतुर्दशी तिथि भी सूर्य को समर्पित है। मकर संक्रांति पर सूर्य की पूजा-अर्चना की जाती है। यह शताब्दी का पहला व अंतिम संयोग भी है। इस दिन सूर्य की विधिवत आराधना सुख-समृद्धि के साथ पराक्रम में वृद्धि करेगा। इस दिन किए गए शुभ कार्य कई गुना फलदायी होंगे।
तिथि-नक्षत्र के आधार पर इस बार 14 व 15 जनवरी दोनों दिन मकर संक्रांति मनाई जाएगी। 14 जनवरी से खरमास की समाप्ति होगी। जिसके साथ ही 15 दिसंबर से लगे खरमास के बाद भूमि-पूजन, गृह प्रवेश आदि शुभ काम शुरू हो जाएंगे। विवाह के मुहूर्त 18 जनवरी से शुरू होंगे।
इस साल आने वाली मकर सक्रांति के दिन 14 तारीख के साथ ही वर्ष 2014 और तिथि चतुर्दशी का संयोग बन रहा है। दिन, तिथि एवं वर्ष के अद्भुत संयोग से इस बार मकर सक्रांति वाले दिन 14-14-14 का संयोग बन रहा है, जो ज्योतिषीय गणनाओं के हिसाब से इस संयोग को बेहद शुभ माना जा रहा है।
ज्योतिषियों एवं वास्तुविदों के अनुसार 14 का मूलांक 5 है। अंक शास्त्र व वैदिक ज्योतिष शास्त्र के आधार पर मूलांक 5 सिंह राशि में आता है, जिसके स्वामी सूर्य हैं। इसके साथ ही चतुर्दशी तिथि भी सूर्य को समर्पित है। मकर संक्रांति पर सूर्य की पूजा-अर्चना की जाती है। यह शताब्दी का पहला व अंतिम संयोग भी है। इस दिन सूर्य की विधिवत आराधना सुख-समृद्धि के साथ पराक्रम में वृद्धि करेगा। इस दिन किए गए शुभ कार्य कई गुना फलदायी होंगे।
तिथि-नक्षत्र के आधार पर इस बार 14 व 15 जनवरी दोनों दिन मकर संक्रांति मनाई जाएगी। 14 जनवरी से खरमास की समाप्ति होगी। जिसके साथ ही 15 दिसंबर से लगे खरमास के बाद भूमि-पूजन, गृह प्रवेश आदि शुभ काम शुरू हो जाएंगे। विवाह के मुहूर्त 18 जनवरी से शुरू होंगे।
