प्रशांत भूषन के बयान को 'आप' ने बताया निजी राय
नई दिल्ली। दिल्ली में विधानसभा चुनाव के नतीजों में भाजपा के बाद दूसरी बड़ी पार्टी बनकर उभरी आम आदमी पार्टी के नेता प्रशांत भूषण के उस बया...
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नई दिल्ली। दिल्ली में विधानसभा चुनाव के नतीजों में भाजपा के बाद दूसरी बड़ी पार्टी बनकर उभरी आम आदमी पार्टी के नेता प्रशांत भूषण के उस बयान को आप के नेता कुमार विश्वास ने नकार दिया है, जिसमे उन्होंने कहा था कि अगर उनकी शर्त को मान लिया जाता है तो वह भाजपा को समर्थन दे सकती है। कुमार विश्वास का कहना है कि यह प्रशांत की निजी राय है।
उल्लेखनीय है कि आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्य प्रशांत भूषण ने एक निजी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में संकेत दिया था कि अगर बीजेपी हमें यह लिखकर दें कि वह जनलोकपाल बिल को 29 दिसंबर तक पारित करवा देगी तो भाजपा को समर्थन दिया जा सकता है।
वहीं, दिल्ली में किसी भी पार्टी को बहुमत ना मिलने पर आम आदमी पार्टी फिर से विधानसभा चुनाव के लिए कमर कस चुकी है। पार्टी के निर्वाचित विधायकों की बैठक में अगले चुनाव की तैयारी करने का फैसला हुआ है।
दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में हुई आम आदमी पार्टी की बैठक में सरकार न बन पाने की स्थिति में आप ने फिर से चुनावी अखाड़े में उतरने पर विचार किया। इस बैठक में अरविंद केजरीवाल को आम आदमी पार्टी विधायक दल का नेता चुन लिया गया। आप के 28 विधायक जीतकर आए हैं।
इधर, दिल्ली में बहुमत से चूकी बीजेपी जोड़-तोड़ कर सरकार बनाने के पक्ष में नज़र नहीं आ रही है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी और दिल्ली के प्रभारी नितिन गडकरी समेत पार्टी के ज्यादातर वरिष्ठ नेता विपक्ष में बैठने के पक्ष में हैं।
उल्लेखनीय है कि आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्य प्रशांत भूषण ने एक निजी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में संकेत दिया था कि अगर बीजेपी हमें यह लिखकर दें कि वह जनलोकपाल बिल को 29 दिसंबर तक पारित करवा देगी तो भाजपा को समर्थन दिया जा सकता है।
वहीं, दिल्ली में किसी भी पार्टी को बहुमत ना मिलने पर आम आदमी पार्टी फिर से विधानसभा चुनाव के लिए कमर कस चुकी है। पार्टी के निर्वाचित विधायकों की बैठक में अगले चुनाव की तैयारी करने का फैसला हुआ है।
दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में हुई आम आदमी पार्टी की बैठक में सरकार न बन पाने की स्थिति में आप ने फिर से चुनावी अखाड़े में उतरने पर विचार किया। इस बैठक में अरविंद केजरीवाल को आम आदमी पार्टी विधायक दल का नेता चुन लिया गया। आप के 28 विधायक जीतकर आए हैं।
इधर, दिल्ली में बहुमत से चूकी बीजेपी जोड़-तोड़ कर सरकार बनाने के पक्ष में नज़र नहीं आ रही है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी और दिल्ली के प्रभारी नितिन गडकरी समेत पार्टी के ज्यादातर वरिष्ठ नेता विपक्ष में बैठने के पक्ष में हैं।
