टिकट वितरण के साथ ही भाजपा में बगावत के सुर तेज
बाडमेर। राजस्थान में एक दिसम्बर को होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एक साथ 176 प्रत्याषियों की घोषणा करते ही बाड़मेर जिले में दो वि...
https://khabarrn1.blogspot.com/2013/11/tone-of-uprisings-in-bjp-after-ticket-distribution.html
बाडमेर। राजस्थान में एक दिसम्बर को होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एक साथ 176 प्रत्याषियों की घोषणा करते ही बाड़मेर जिले में दो विधानसभाओं में विरोध के स्वर मुखर हो गए है। एक तरफ जहां बाड़मेंर विधानसभा से डॉ. प्रियका चौधरी को टिकट मिलने के बाद गत चुनावों में पराजित भाजपा नैत्री मृदुरेखा चौधरी ने बुधवार को इस्तीफा पार्टी आलाकमान को भेज दिया। अपने आवास स्थान महावीर नगर में मृदुरेखा चौधरी ने प्रेसवार्ता में यह इस्तीफा भेजा दिया।
वही दूसरी तरफ बायतू विधानसभा क्षेत्र से प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बालाराम मूढ़ को बायतू विधानसभा क्षेत्र से टीकट न मिलने के कारण बालाराम मूढ़ सहित मण्डल कार्यकारिणी कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा दे दिया। मृदुरेखा के मुताबिक भाजपा में सक्रिय कार्यकर्ता, निष्ठावान और जनता के बीच में रहने वाले कार्यकर्ता की कोई पूछ नहीं है। यदि निष्ठावान कार्यकर्ता की पूछ होती तो बाड़मेर से दलबदलने वाले और भाजपा की खिलाफत करने वालों को टिकिट नहीं मिलती।
चौधरी ने कहा कि मैं भाजपा में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ विगत 18 वर्षो से कार्य कर रही हूँ। जब मैने चौहटन में स्व. भगवानदास जी के साथ कार्य शुरू किया था तो जब चौहटन से टिकट मांगा तो गंगाराम चौधरी कॉंग्रेस छोडकर वहां मेरे आड़े आ गये। तत्पश्चात वार्ड सं. 10 के उप चुनाव में मैनें गंगाराम चौधरी की स्वीकृति लेकर चुनाव लड़ा। मुझे पार्टी का सिम्बल मिला तो गंगाराम चौधरी ने फिर महासभा बुलाई और मेरा विरोध किया। जब मैनें वार्ड संख्या 13 से जिला परिषद का चुनाव लड़ा तो गंगाराम चौधरी ने मेरा विरोध किया, लेकिन जनता मेरे साथ थी, और मैं चुनाव जीती।
वही दूसरी तरफ बायतू विधानसभा क्षेत्र से प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बालाराम मूढ़ को बायतू विधानसभा क्षेत्र से टीकट न मिलने के कारण बालाराम मूढ़ सहित मण्डल कार्यकारिणी कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा दे दिया। मृदुरेखा के मुताबिक भाजपा में सक्रिय कार्यकर्ता, निष्ठावान और जनता के बीच में रहने वाले कार्यकर्ता की कोई पूछ नहीं है। यदि निष्ठावान कार्यकर्ता की पूछ होती तो बाड़मेर से दलबदलने वाले और भाजपा की खिलाफत करने वालों को टिकिट नहीं मिलती।
चौधरी ने कहा कि मैं भाजपा में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ विगत 18 वर्षो से कार्य कर रही हूँ। जब मैने चौहटन में स्व. भगवानदास जी के साथ कार्य शुरू किया था तो जब चौहटन से टिकट मांगा तो गंगाराम चौधरी कॉंग्रेस छोडकर वहां मेरे आड़े आ गये। तत्पश्चात वार्ड सं. 10 के उप चुनाव में मैनें गंगाराम चौधरी की स्वीकृति लेकर चुनाव लड़ा। मुझे पार्टी का सिम्बल मिला तो गंगाराम चौधरी ने फिर महासभा बुलाई और मेरा विरोध किया। जब मैनें वार्ड संख्या 13 से जिला परिषद का चुनाव लड़ा तो गंगाराम चौधरी ने मेरा विरोध किया, लेकिन जनता मेरे साथ थी, और मैं चुनाव जीती।
