कुछ इस तरह से हुआ जयपुर राजघराने के महाराज पद्मनाभ सिंह का राजतिलक

Jaipur, Maharaja Padmnabh Singh, Padm Nabh Singh, Jaipur City Palace, Jaipur Maharaj, जयपुर राजघराने, महाराज पद्मनाभ सिंह, राजतिलक, पद्मनाभ सिंह का राजतिलक
जयपुर। जयपुर राजघराने में इन दिनों ठीक वैसा ही माहौल है, जैसा किसी राजा—महाराजाओं पर आधारित बॉलीवुड फिल्मों में किसी राजकुमार के राजतिलक पर होता है। शाही रस्मों एवं रीति—रिवाजों के साथ 21 तोपों की सलामी देकर जयपुर राजघराने के राजकुमार को जयपुर महाराजा की गद्दी पर बैठाया गया और इसके बाद वे राजकुमार से जयपुर के महाराजा पद्मनाभ सिंह बन गए। दरअसल ये मौका था, पद्मनाभ सिंह के जन्मदिवस का, जब वे 18 साल के हो गए और इस अवसर पर उनका राजसी ठाटबाट के साथ रातलितक किया गया।

जयपुर के पूर्व महाराजा भवानी सिंह के निधन के बाद यह पहला मौका था, जब राजपरिवार में ऐसा जश्न मनाया गया। करीब 6 साल पहले जयपुर राजघराने के उत्तराधिकारी बने पद्नाभ सिंह 12 जुलाई को 18 साल के हो गए। ऐसे में अब वे जयपुर के पूर्व राजपरिवार के सर्वमान्य नेता बन गए हैं। उनका जन्मदिन भव्य समारोह के रूप में मनाया गया। सिटी पैलेस में मंगलवार को सवाई मानसिंह द्वितीय के शासनकाल के बाद पहली बार ऐसा भव्य समारोह आयोजित किया गया। इस शाही समारोह में जयपुर राजपरिवार से जुड़े सैकड़ों ताजिमी सरदार, जागीरदार, ठिकानेदार और रईसों ने हिस्सा लिया।

Jaipur, Maharaja Padmnabh Singh, Padm Nabh Singh, Jaipur City Palace, Jaipur Maharaj, जयपुर राजघराने, महाराज पद्मनाभ सिंह, राजतिलक, पद्मनाभ सिंह का राजतिलक
गौरतलब है कि अब तक राजपरिवार के सभी तरह के फैसले राजमाता पद्मिनी देवी ही ले रही थीं, लेकिन अब से पद्मनाभ सिंह के हस्ताक्षर कानूनी रूप मान्य होंगे। वे पूर्व राजपरिवार के सभी फैसले लेने के लिए स्वतन्त्र होंगे। राजकुमारी दीया कुमारी के बेटे पद्मनाभ सिंह का पूर्व महाराजा ब्रिगेडियर भवानी सिंह के निधन के बाद 2011 में उनके उत्तराधिकारी के रूप में पद्मनाभ सिंह का तिलक हुआ था। भवानी सिंह का कोई बेटा नहीं था, उन्होंने वर्ष 2002 में अपनी एकमात्र संतान दीया कुमारी के ज्येष्ठ पुत्र पद्मनाभ सिंह को गोद लिया था।

मीडिया से बात करते हुए पद्मनाभ ने राजनीति में आकर समाज की सेवा करने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि, अभी अगले पांच साल तक पढा़ई पर ध्यान दूंगा, इसके बाद पॉलिटिक्स के मैदान उतरने की इच्छा है। वजह ये कि आज के यूथ को लेकर मेरा जो सपना यानी उनके लिए कुछ करने बात है वह तभी पूरी हो पाएगी। यूथ और वुमेंस के लिए जॉब और सिक्युरिटी के लिए एक सोच रखता हूं। इसके लिए बड़े स्तर पर प्लानिंग करनी होगी। मुझे दायरा बढ़ाना होगा।

उन्होंने कहा कि, मैं परंपराओं के अनुरूप काम करुंगा। जो पूर्व महाराजा भवानी सिंह की जयपुर को लेकर सोच थी, उसे आगे बढ़ाऊंगा। हेरिटेज के संरक्षण के लिए काम करुंगा। गौरतलब है कि पद्मनाभ सिंह ने मेयो कॉलेज में अध्ययन किया है और अब वे इंग्लैंड में अपनी उच्च शिक्षा ले रहे हैं।


इस लेख पर अपने विचार व्यक्त करें...

Related Posts

Rajasthan 8389585247570450697
item