उत्तर प्रदेश चुनाव में कांग्रेस की ओर से शीला दीक्षित मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार घोषित
https://khabarrn1.blogspot.com/2016/07/congress-announced-sheila-dikshit-name-as-cm-candidate-of-party.html
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव 2017 को लेकर राजनीतिक पार्टियों की ओर से की जा रही कवायदों के बीच आज कांग्रेस ने अपनी पार्टी का मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। कांग्रेस ने यूपी विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के नाम की घोषणा की है।
गौरतलब है कि यूपी की सत्ता में काबिज होने के लिए कांग्रेस की ओर से की जा पिछले काफी समय से कई प्रकार की कवायदें कर जा रही है। कांग्रेस ने अपनी चुनावी रणनीति के तहत हाल ही में कांग्रेस प्रदेश कमेटी में फेरबदल करते हुए राज बब्बर को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष घोषित किया था। साथ ही इमरान मसूद को पार्टी का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया था।
दिल्ली की सत्ता में लम्बे समय तक काबिज रहकर मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी निभाने वाली वयोवद्धृ राजनेत्री शीला दीक्षित को पार्टी की ओर से उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर चर्चाएं है कि पार्टी की नजर यूपी में ब्राह्मण वोटों पर है और इसी के चलते कांग्रेस ने शीला दीक्षित का पार्टी का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है।
गौरतलब है कि शीला दीक्षित का उन्नाव के उत्तर प्रदेश मेें बाद कन्नौज से बड़ा कनेक्शन है। वह कन्नौज से सांसद रहीं थी और उत्तर प्रदेश की राजनीति छोडऩे के बाद वह प्रदेश सक्रिय राजनीति से दूर थीं। उत्तर प्रदेश चुनाव पर नजरें गड़ाए बैठी कांग्रेस इन चुनावों में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती है और इसी को लेकर ऐसे भी चर्चाएं भी है कि चुनावों के दौरान होने वाले प्रचार समारोहों में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया, उपाध्यक्ष राहुल गांधी के साथ ही प्रियंका वाड्रा भी अहम भूमिका निभा सकती है।
उल्लेखनीय है कि साल 2014 में हुए लोकसभा चुनाव के बाद हुए चुनावों में लगातार हार का सामना करती आ रही कांग्रेस की निगाहें अब उत्तर प्रदेश पर जमी हुई है और इसे लेकर पार्टी की ओर से पिछले लम्बे समय से कई तरह की कवायदें की जा रही है।
पार्टी की ओर से खुद को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद शीला दीक्षित ने कहा कि, वह पार्टी के अनुरोध एवं आदेश का सम्मान करतीं हैं और पार्टी जैसर चाहती है वैसा ही करेंगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुख्य रूप से चार पार्टियां हैं और यहां मुकाबला सपा, बसपा, कांग्रेस और भाजपा के बीच होगा।
गौरतलब है कि यूपी की सत्ता में काबिज होने के लिए कांग्रेस की ओर से की जा पिछले काफी समय से कई प्रकार की कवायदें कर जा रही है। कांग्रेस ने अपनी चुनावी रणनीति के तहत हाल ही में कांग्रेस प्रदेश कमेटी में फेरबदल करते हुए राज बब्बर को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष घोषित किया था। साथ ही इमरान मसूद को पार्टी का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया था।
दिल्ली की सत्ता में लम्बे समय तक काबिज रहकर मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी निभाने वाली वयोवद्धृ राजनेत्री शीला दीक्षित को पार्टी की ओर से उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर चर्चाएं है कि पार्टी की नजर यूपी में ब्राह्मण वोटों पर है और इसी के चलते कांग्रेस ने शीला दीक्षित का पार्टी का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है।
गौरतलब है कि शीला दीक्षित का उन्नाव के उत्तर प्रदेश मेें बाद कन्नौज से बड़ा कनेक्शन है। वह कन्नौज से सांसद रहीं थी और उत्तर प्रदेश की राजनीति छोडऩे के बाद वह प्रदेश सक्रिय राजनीति से दूर थीं। उत्तर प्रदेश चुनाव पर नजरें गड़ाए बैठी कांग्रेस इन चुनावों में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती है और इसी को लेकर ऐसे भी चर्चाएं भी है कि चुनावों के दौरान होने वाले प्रचार समारोहों में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया, उपाध्यक्ष राहुल गांधी के साथ ही प्रियंका वाड्रा भी अहम भूमिका निभा सकती है।
उल्लेखनीय है कि साल 2014 में हुए लोकसभा चुनाव के बाद हुए चुनावों में लगातार हार का सामना करती आ रही कांग्रेस की निगाहें अब उत्तर प्रदेश पर जमी हुई है और इसे लेकर पार्टी की ओर से पिछले लम्बे समय से कई तरह की कवायदें की जा रही है।
पार्टी की ओर से खुद को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद शीला दीक्षित ने कहा कि, वह पार्टी के अनुरोध एवं आदेश का सम्मान करतीं हैं और पार्टी जैसर चाहती है वैसा ही करेंगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुख्य रूप से चार पार्टियां हैं और यहां मुकाबला सपा, बसपा, कांग्रेस और भाजपा के बीच होगा।
