एसएमएस मेडिकल काॅलेज का स्वर्ण पदक वितरण समारोह सम्पन्न
https://khabarrn1.blogspot.com/2015/04/gold-medal-distribution-ceremony-at-SMS-medical-college.html
जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने कहा है कि युवा चिकित्सकों की समाज के प्रति महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। समाज चिकित्सकों पर भरोसा करता है व उन्हें धरती के भगवान की तरह मानता है। सफल चिकित्सक मरीजों के साथ विश्वास का रिश्ता बनाते हैं एवं इससेे मरीजों को रोगों से लड़ने में आंतरिक शक्ति मिलती है।
राठौड़ गुरूवार को अपराह्न सवाई मानसिंह मेडिकल काॅलेज के सुुश्रुत सभागार में मेडिकल काॅलेज के छात्रों के स्वर्ण पदक वितरण समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने विभिन्न सत्रों में श्रेष्ठ अंक हासिल करने वाले मेंिडकल छात्रों को स्वर्ण पदक एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किये। इस अवसर पर विख्यात न्यूरोसर्जन डाॅ. एसआर धारकर ने वर्ष 2009 बैच के एमबीबीएस छात्रों को उनकी इन्र्टनशिप पूर्ण होने पर हिपोक्रेटिक ओथ दिलवाई।
चिकित्सा मंत्री ने मिर्जा स्माईल का स्मरण करते हुये कहा कि उन्होंने वर्ष 1945 में सीकर के राव राजा कल्याण सिंह के साथ विचार-विमर्श के दौरान डाॅ. एस सी मेहता के सुझाव पर मेडिकल काॅलेज की परिकल्पना की एवं देश के 15वें मेडिकल काॅलेज के रूप में वर्ष 1947 को सवाई मानसिंह मेडिकल काॅलेज की स्थापना की गई। उन्होंने कहा कि इस मेडिकल काॅलेज के चिकित्सकों का पूरे देश में ही बल्कि दुनियाभर में नाम रहा है। डाॅ. पी.के. सेठी, डाॅ. एस.आर. धारकर, डाॅ. गंगवाल, डाॅ. सीएम शर्मा, डाॅ. एमएल शर्मा, डाॅ.अशोक पनगडि़या आदि चिकित्सकों ने इस मेडिकल काॅलेज का नाम रोशन किया है।
राठौड़ ने बताया कि आज सवाई मानसिंह अस्पताल देश के सबसे बड़े अस्पतालों में शामिल है। इस अस्पताल में वर्ष 2014 के दौरान 29 लाख 60 हजार रोगियों का ओपीडी में ईलाज किया गया एवं 1 लाख 74 हजार इन्डोर रोगियों का ईलाज किया गया। वर्ष 2014 में कुल 58 लाख से अधिक जांचे की गयी। इस हाॅस्पिटल में करीब 18 प्रतिशत मरीज अन्य प्रदेशों से आ रहे हैं। चिकित्सालय में ट्रोमा सेन्टर प्रारम्भ करने के साथ अंग प्रत्यारोपण का कार्य प्रारम्भ किया गया है एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के कैंसर इंस्टिट्यूट की स्थापना की जा रही है।
चिकित्सा मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार आमजन को स्वास्थ्य सेवाऐं सुलभ कराने के लिये कटिबद्ध होकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मिलेनियम डवलपमेंट गोल्स को अर्जित करने की दिशा में राजस्थान पिछड़ा प्रदेश माना जाता रहा है। शिशु मृत्युदर, मातृ मृत्युदर, संस्थागत प्रसव एवं टीकाकरण आदि क्षेत्रों में हम पिछड़े हुये थे। लेकिन अब इन सभी क्षेत्रों में दिये जा रहे विशेष प्रयासों से सार्थक परिणाम दृष्टिगोचर हो रहे हैं।
स्थानीय सांसद रामचरण बोहरा ने समारोह की अध्यक्षता करते हुये कहा कि सवाई मानसिंह चिकित्सालय अपने विशेषज्ञ चिकित्सकों के कारण पूरे देश में विख्यात है। उन्होंने इस चिकित्सालय में चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिये आश्वस्त किया। उन्होंने इस अस्पताल परिसर में काॅटेज वार्ड बनाने के लिये अपने सांसद कोष से एक करोड़ रुपये की घोषणा की। उन्होंने मेडिकल काॅलेज में खेल परिसर बनाने के लिये भी सहयोग के लिए आश्वस्त किया।
राठौड़ गुरूवार को अपराह्न सवाई मानसिंह मेडिकल काॅलेज के सुुश्रुत सभागार में मेडिकल काॅलेज के छात्रों के स्वर्ण पदक वितरण समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने विभिन्न सत्रों में श्रेष्ठ अंक हासिल करने वाले मेंिडकल छात्रों को स्वर्ण पदक एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किये। इस अवसर पर विख्यात न्यूरोसर्जन डाॅ. एसआर धारकर ने वर्ष 2009 बैच के एमबीबीएस छात्रों को उनकी इन्र्टनशिप पूर्ण होने पर हिपोक्रेटिक ओथ दिलवाई।
चिकित्सा मंत्री ने मिर्जा स्माईल का स्मरण करते हुये कहा कि उन्होंने वर्ष 1945 में सीकर के राव राजा कल्याण सिंह के साथ विचार-विमर्श के दौरान डाॅ. एस सी मेहता के सुझाव पर मेडिकल काॅलेज की परिकल्पना की एवं देश के 15वें मेडिकल काॅलेज के रूप में वर्ष 1947 को सवाई मानसिंह मेडिकल काॅलेज की स्थापना की गई। उन्होंने कहा कि इस मेडिकल काॅलेज के चिकित्सकों का पूरे देश में ही बल्कि दुनियाभर में नाम रहा है। डाॅ. पी.के. सेठी, डाॅ. एस.आर. धारकर, डाॅ. गंगवाल, डाॅ. सीएम शर्मा, डाॅ. एमएल शर्मा, डाॅ.अशोक पनगडि़या आदि चिकित्सकों ने इस मेडिकल काॅलेज का नाम रोशन किया है।
राठौड़ ने बताया कि आज सवाई मानसिंह अस्पताल देश के सबसे बड़े अस्पतालों में शामिल है। इस अस्पताल में वर्ष 2014 के दौरान 29 लाख 60 हजार रोगियों का ओपीडी में ईलाज किया गया एवं 1 लाख 74 हजार इन्डोर रोगियों का ईलाज किया गया। वर्ष 2014 में कुल 58 लाख से अधिक जांचे की गयी। इस हाॅस्पिटल में करीब 18 प्रतिशत मरीज अन्य प्रदेशों से आ रहे हैं। चिकित्सालय में ट्रोमा सेन्टर प्रारम्भ करने के साथ अंग प्रत्यारोपण का कार्य प्रारम्भ किया गया है एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के कैंसर इंस्टिट्यूट की स्थापना की जा रही है।
चिकित्सा मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार आमजन को स्वास्थ्य सेवाऐं सुलभ कराने के लिये कटिबद्ध होकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मिलेनियम डवलपमेंट गोल्स को अर्जित करने की दिशा में राजस्थान पिछड़ा प्रदेश माना जाता रहा है। शिशु मृत्युदर, मातृ मृत्युदर, संस्थागत प्रसव एवं टीकाकरण आदि क्षेत्रों में हम पिछड़े हुये थे। लेकिन अब इन सभी क्षेत्रों में दिये जा रहे विशेष प्रयासों से सार्थक परिणाम दृष्टिगोचर हो रहे हैं।
स्थानीय सांसद रामचरण बोहरा ने समारोह की अध्यक्षता करते हुये कहा कि सवाई मानसिंह चिकित्सालय अपने विशेषज्ञ चिकित्सकों के कारण पूरे देश में विख्यात है। उन्होंने इस चिकित्सालय में चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिये आश्वस्त किया। उन्होंने इस अस्पताल परिसर में काॅटेज वार्ड बनाने के लिये अपने सांसद कोष से एक करोड़ रुपये की घोषणा की। उन्होंने मेडिकल काॅलेज में खेल परिसर बनाने के लिये भी सहयोग के लिए आश्वस्त किया।