पाठ करने के नाम पर लोगों से हजारों रुपए ऐंठता था रामपाल
जींद। हरियाणा के हिसार स्थित सतलोक आश्रम से पुलिस की गिरफ्त में आए कथित संत रामपाल की गिरफतारी के बाद अब उनके अनुयायी भी बाबा के नए-नए ख...
https://khabarrn1.blogspot.com/2014/11/rampal-had-fudge-to-people-on-the-name-of-satsang.html
जींद। हरियाणा के हिसार स्थित सतलोक आश्रम से पुलिस की गिरफ्त में आए कथित संत रामपाल की गिरफतारी के बाद अब उनके अनुयायी भी बाबा के नए-नए खुलासे करने लगे हैं। रामपाल के कई भक्तों ने बताया कि रामपाल लोगों को उनके जीवन में सुख शांति करने के बात कहकर पाठ करने के नाम उनसे नौ हजार रुपए लेता था और ज्योत के 600 रुपए अलग से लेता था।
गुरु मर्यादा में रहना जरूरी है, ऐसा कहकर वह लोगों को बात मानने के लिए कहता था। उसका एक भाई महेंद्र पुलिस की नौकरी छोड़कर भक्तों की शंका समाधान करने की ड्यूटी करने लगा था। उन्होंने बताया कि लोगों को इकट्ठा करने के लिए रामपाल ने आश्रम में सात दिवसीय संत्सग रखा और सभी भक्तों को संदेश भेजकर आश्रम बुलाया लेकिन वे नहीं गए। इन लोगों ने कहा कि संत बना रामपाल पाखंडी है।
उधर, पुलिस ने रामपाल के प्रवक्ता राज कपूर को साथ लेकर सतलोक आश्रम में आज चौथे दिन भी तलाशी अभियान जारी रखा। पुलिस ने राज कपूर के कमरे का भी निरीक्षण किया। रिमांड पर लिये गए आश्रम के आठ ब्लैक कमांडो की निशानदेही पर उनकी ड्रेस, रामपाल की बुलेट प्रूफ जैकेट, एक पिस्टल 7.62 एमएम बोर, एक रिवाल्वर 32 बोर और 13 कारतूस भी बरामद किये गए।
गिरफ्तार किए गए आश्रम के संचालन ट्रस्ट से जुड़े कई सदस्यों ने खुलासा किया कि मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के गांव उड़दन में 70 एकड़ जमीन पर संत रामपाल का आश्रम बन रहा है, जिसका काम लगभग पूरा हो चुका है, जिसमें ज्यादातर ट्रस्टी मध्यप्रदेश के हैं, जबकि इसके संचालन की बागडोर रामपाल और उसके कुछ खास लोगों के ही हाथ में है। पुलिस जल्द ही रिमांड पर चल रहे रामकुमार ढाका, बलजीत सिंह और पुरूषोत्तम दास को मध्यप्रदेश के आश्रम में ले जाकर आश्रम और दस्तावेजों की जांच करेगी।
रामपाल के बेहद करीबी भक्त जींद निवासी बलजीत सिंह जो फिलहाल पुलिस हिरासत में है। रामपाल के इतने करीब पहुंच गया कि उसने आश्रम में ही अपनी बेटी बबीता के साथ रहना शुरू कर दिया था। बबीता तीन साल पहले आश्रम में रामपाल की सेविका बन गई और घर नहीं गई।
पुलिस ने बबीता के कम्प्यूटर को अपने कब्जे में लिया है। पुलिस ने उससे रामपाल के बैंक खातों के बारे में जब पूछताछ की तो उसने केवल इतना ही जवाब दिया कि वह कुछ नहीं जानती है। इधर, रिमांड पर रामपाल आज ज्यादातर थाने की बैरक में ही रहा। आज उससे कोई ज्यादा पूछताछ भी नहीं की गई।
गुरु मर्यादा में रहना जरूरी है, ऐसा कहकर वह लोगों को बात मानने के लिए कहता था। उसका एक भाई महेंद्र पुलिस की नौकरी छोड़कर भक्तों की शंका समाधान करने की ड्यूटी करने लगा था। उन्होंने बताया कि लोगों को इकट्ठा करने के लिए रामपाल ने आश्रम में सात दिवसीय संत्सग रखा और सभी भक्तों को संदेश भेजकर आश्रम बुलाया लेकिन वे नहीं गए। इन लोगों ने कहा कि संत बना रामपाल पाखंडी है।
उधर, पुलिस ने रामपाल के प्रवक्ता राज कपूर को साथ लेकर सतलोक आश्रम में आज चौथे दिन भी तलाशी अभियान जारी रखा। पुलिस ने राज कपूर के कमरे का भी निरीक्षण किया। रिमांड पर लिये गए आश्रम के आठ ब्लैक कमांडो की निशानदेही पर उनकी ड्रेस, रामपाल की बुलेट प्रूफ जैकेट, एक पिस्टल 7.62 एमएम बोर, एक रिवाल्वर 32 बोर और 13 कारतूस भी बरामद किये गए।
गिरफ्तार किए गए आश्रम के संचालन ट्रस्ट से जुड़े कई सदस्यों ने खुलासा किया कि मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के गांव उड़दन में 70 एकड़ जमीन पर संत रामपाल का आश्रम बन रहा है, जिसका काम लगभग पूरा हो चुका है, जिसमें ज्यादातर ट्रस्टी मध्यप्रदेश के हैं, जबकि इसके संचालन की बागडोर रामपाल और उसके कुछ खास लोगों के ही हाथ में है। पुलिस जल्द ही रिमांड पर चल रहे रामकुमार ढाका, बलजीत सिंह और पुरूषोत्तम दास को मध्यप्रदेश के आश्रम में ले जाकर आश्रम और दस्तावेजों की जांच करेगी।
रामपाल के बेहद करीबी भक्त जींद निवासी बलजीत सिंह जो फिलहाल पुलिस हिरासत में है। रामपाल के इतने करीब पहुंच गया कि उसने आश्रम में ही अपनी बेटी बबीता के साथ रहना शुरू कर दिया था। बबीता तीन साल पहले आश्रम में रामपाल की सेविका बन गई और घर नहीं गई।
पुलिस ने बबीता के कम्प्यूटर को अपने कब्जे में लिया है। पुलिस ने उससे रामपाल के बैंक खातों के बारे में जब पूछताछ की तो उसने केवल इतना ही जवाब दिया कि वह कुछ नहीं जानती है। इधर, रिमांड पर रामपाल आज ज्यादातर थाने की बैरक में ही रहा। आज उससे कोई ज्यादा पूछताछ भी नहीं की गई।
