लोकसभा चुनाव 2014 : राजस्थान में मुकाबला कांटे का
जयपुर। देशभर में होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर एक ओर जहां राजनीतिक हलचल और उठापटक अपनी चरम सीमा पर है, वहीं दूसरी ओर राजनीति के जान...
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जयपुर। देशभर में होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर एक ओर जहां राजनीतिक हलचल और उठापटक अपनी चरम सीमा पर है, वहीं दूसरी ओर राजनीति के जानकारों ने देश के प्रधानमंत्री पद पर आसीन होने वाले उम्मीदवार को लेकर अपने-अपने आंकलन शुरू कर दिए हैं।
लोकसभा चुनाव-2014 में राजस्थान की बात की जाए तो, प्रदेश में मुकाबला कांटे का बना हुआ है। रैकी व ज्योतिष विशेषज्ञ नवोदिता शर्मा ने रैकी के जरिये आंकलन किया है कि दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों (भाजपा-कांग्रेस) के बीच 11-11 सीटों का बंटवारा साफ तौर पर होता दिखाई दे रहा है, वहीं अन्य तीन सीटों में एक बसपा, एक जमींदारा पार्टी या कांग्रेस के खाते में और एक निर्दलीय या भाजपा के खाते में जाती हुई दिखाई दे रही है।
नवोदिता का कहना है कि राजस्थान में बीकानेर, झुंझुनूं, भरतपुर, टोंक-सवाई माधोपुर, बाड़मेर, उदयपुर, चित्तौड़, राजसमंद,कोटा, झालावाड़ और जयपुर सीटों पर रूझान भाजपा के पक्ष में अधिक दृष्टिगत हो रहा है, तो सीकर, जयपुर, ग्रामीण, अलवर, करौली, अजमेर, नागौर, पाली, जोधपुर, जालौर, बांसवाड़ा और भीलवाड़ा का रूझान कांग्रेस की तरफ अधिक दूष्टिगत हो रहा है।
दौसा सीट पर भाजपा के हरीशचंद्र मीणा का मुकाबला निर्दलीय शिवपाल सिंह के बीच दिखाई दे रहा है, लेकिन इसमें अंतिम बढ़त भाजपा के हरीशचंद्र मीणा तरफ जा सकती है। इसी तरह श्रीगंगानगर सीट पर कांग्रेस के मास्टर भंवरलाल और जमींदारा पार्टी की शिमला देवी के बीच कड़ा मुकाबला है, लेकिन अंतिम बढ़त कांग्रेस की तरफ जा सकती है। चुरू में मतदाता दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दलों से विमुख होकर बसपा के अभिनेष महर्षि की तरफ उन्मुख होते दिखाई दे रहे हैं।
नवोदिता के अनुसार झुंझुनूं सीट पर मुख्य मुकाबला इस समय भाजपा की संतोष अहलावत और निर्दलीय राजकुमार शर्मा के बीच है, तो नागौर में हनुमान बेनीवाल के मैदान में डटे रहने का लाभ कांग्रेस की ज्योति मिर्धा को मिलता दिखाई दे रहा है। बांसवाड़ा में मुख्य मुकाबला कांग्रेस की रेशम मालवीय और जदयू के भानजी भाई के बीच दिखाई दे रहा है। जोधपुर सीट पर हार-जीत का अंतर बहुत कम दिख रहा है, तो बाड़मेर में सोनाराम अंतत: वसुंधरा राजे की प्रतिष्ठा बनाये रखने में कामयाब होते दिखाई दे रहे हैं।
बहरहाल, इन आंकलनों में से किसका आंकड़ा और कौनसी गणित सटीक बैठगी, यह कहा जाना इस समय काफी मुश्किल है। राजस्थान के मतदाता प्रधानमंत्री पद पर किस उम्मीदवार को आसीन करेंगे और अपने क्षेत्र से सांसद के रूप में किस उम्मीदवार को चुनते हैं, इसका फैसला गुरुवार 17 अप्रेल को होने वाले मतदान के बाद ही होगा, जब चुनावी मैदान में मौजूद विभिन्न पार्टियों के प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला ईवीएम में बंद होगा।
लोकसभा चुनाव-2014 में राजस्थान की बात की जाए तो, प्रदेश में मुकाबला कांटे का बना हुआ है। रैकी व ज्योतिष विशेषज्ञ नवोदिता शर्मा ने रैकी के जरिये आंकलन किया है कि दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों (भाजपा-कांग्रेस) के बीच 11-11 सीटों का बंटवारा साफ तौर पर होता दिखाई दे रहा है, वहीं अन्य तीन सीटों में एक बसपा, एक जमींदारा पार्टी या कांग्रेस के खाते में और एक निर्दलीय या भाजपा के खाते में जाती हुई दिखाई दे रही है।
नवोदिता का कहना है कि राजस्थान में बीकानेर, झुंझुनूं, भरतपुर, टोंक-सवाई माधोपुर, बाड़मेर, उदयपुर, चित्तौड़, राजसमंद,कोटा, झालावाड़ और जयपुर सीटों पर रूझान भाजपा के पक्ष में अधिक दृष्टिगत हो रहा है, तो सीकर, जयपुर, ग्रामीण, अलवर, करौली, अजमेर, नागौर, पाली, जोधपुर, जालौर, बांसवाड़ा और भीलवाड़ा का रूझान कांग्रेस की तरफ अधिक दूष्टिगत हो रहा है।
दौसा सीट पर भाजपा के हरीशचंद्र मीणा का मुकाबला निर्दलीय शिवपाल सिंह के बीच दिखाई दे रहा है, लेकिन इसमें अंतिम बढ़त भाजपा के हरीशचंद्र मीणा तरफ जा सकती है। इसी तरह श्रीगंगानगर सीट पर कांग्रेस के मास्टर भंवरलाल और जमींदारा पार्टी की शिमला देवी के बीच कड़ा मुकाबला है, लेकिन अंतिम बढ़त कांग्रेस की तरफ जा सकती है। चुरू में मतदाता दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दलों से विमुख होकर बसपा के अभिनेष महर्षि की तरफ उन्मुख होते दिखाई दे रहे हैं।
नवोदिता के अनुसार झुंझुनूं सीट पर मुख्य मुकाबला इस समय भाजपा की संतोष अहलावत और निर्दलीय राजकुमार शर्मा के बीच है, तो नागौर में हनुमान बेनीवाल के मैदान में डटे रहने का लाभ कांग्रेस की ज्योति मिर्धा को मिलता दिखाई दे रहा है। बांसवाड़ा में मुख्य मुकाबला कांग्रेस की रेशम मालवीय और जदयू के भानजी भाई के बीच दिखाई दे रहा है। जोधपुर सीट पर हार-जीत का अंतर बहुत कम दिख रहा है, तो बाड़मेर में सोनाराम अंतत: वसुंधरा राजे की प्रतिष्ठा बनाये रखने में कामयाब होते दिखाई दे रहे हैं।
बहरहाल, इन आंकलनों में से किसका आंकड़ा और कौनसी गणित सटीक बैठगी, यह कहा जाना इस समय काफी मुश्किल है। राजस्थान के मतदाता प्रधानमंत्री पद पर किस उम्मीदवार को आसीन करेंगे और अपने क्षेत्र से सांसद के रूप में किस उम्मीदवार को चुनते हैं, इसका फैसला गुरुवार 17 अप्रेल को होने वाले मतदान के बाद ही होगा, जब चुनावी मैदान में मौजूद विभिन्न पार्टियों के प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला ईवीएम में बंद होगा।
नवोदिता शर्मा
रैकी व ज्योतिष विशेषज्ञ
