राज्य को समृद्घ, खुशहाल तथा संवेदनशील बनाने में बने भागीदार : वसुंधरा राजे
जयपुर। मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने राज्य सरकार का विजन प्रस्तुत करते हुए टीम राजस्थान का आह्वान किया कि हम सब मिलकर स्वस्थ, शिक्षित, मह...
https://khabarrn1.blogspot.com/2014/01/blog-post_863.html
जयपुर। मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने राज्य सरकार का विजन प्रस्तुत करते हुए टीम राजस्थान का आह्वान किया कि हम सब मिलकर स्वस्थ, शिक्षित, महिलाओं के प्रति संवेदनशील, समृद्घ और खुशहाल राजस्थान का निर्माण करें, जिसका आधारभूत ढांचा मजबूत हो। एक ऐसे नये और प्रगतिशील राजस्थान को मूर्त रूप दें जिसका देश के विकसित और अग्रणी प्रदेशों में महत्वपूर्ण स्थान हो।
उन्होंने अपने उद्बोधन में इस बात पर खासा जोर दिया कि राज्य में हर तबके की आवाज सुनी जाये और निश्चित समय सीमा में उनकी समस्याओं का समाधान हो। साथ ही सरकार के हर फैसले में दलित, शोषित, अल्पसंख्यक और कमजोर तबके के विचार शामिल किये जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निष्पक्ष एवं स्वतंत्र चुनाव कराने के लिए भी बधाई दी। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे आज मुख्यमंत्री कार्यालय में दो दिवसीय जिला कलक्टर-जिला पुलिस अधीक्षक सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में अपने विचार प्रकट कर रही थी।
उन्होंने कहा कि हमने अपने पिछले शासनकाल (2003-2008) के दौरान राजस्थान को बीमारू राज्य की श्रेणी से निकालने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी थी। आज फिर हम हर क्षेत्र में राज्य को आगे ले जाने के संकल्प के साथ कार्य शुरू कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताते हुए कहा कि उनकी टीम राजस्थान राज्य को हर चुनौती से पार पाकर आगे ले जाने में सक्षम है। राज्य सरकार का संकल्प गरीबी, पिछड़ेपन तथा बेरोजगारी से मुक्ति दिलाकर राजस्थान को हर क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना है।
उन्होंने 60 दिन की कार्य योजना की त्वरित मॉनिटरिंग तथा क्रियान्विति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इसके लिये साप्ताहिक समीक्षा करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जिला कलक्टर विशेषरूप से ध्यान देकर अपने क्षेत्र में 24 घन्टे घरेलू तथा साढ़े छ: घन्टे बिना रूकावट कृषि बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करवायें। इसके साथ ही उन्होंने पेयजल योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग करने, स्थानीय निकायों, राजकीय अस्पतालों, स्कूलों सहित अन्य सरकारी भवनों में साफ-सफाई, रंग-रोगन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अपने उद्बोधन में इस बात पर खासा जोर दिया कि राज्य में हर तबके की आवाज सुनी जाये और निश्चित समय सीमा में उनकी समस्याओं का समाधान हो। साथ ही सरकार के हर फैसले में दलित, शोषित, अल्पसंख्यक और कमजोर तबके के विचार शामिल किये जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निष्पक्ष एवं स्वतंत्र चुनाव कराने के लिए भी बधाई दी। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे आज मुख्यमंत्री कार्यालय में दो दिवसीय जिला कलक्टर-जिला पुलिस अधीक्षक सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में अपने विचार प्रकट कर रही थी।
उन्होंने कहा कि हमने अपने पिछले शासनकाल (2003-2008) के दौरान राजस्थान को बीमारू राज्य की श्रेणी से निकालने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी थी। आज फिर हम हर क्षेत्र में राज्य को आगे ले जाने के संकल्प के साथ कार्य शुरू कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताते हुए कहा कि उनकी टीम राजस्थान राज्य को हर चुनौती से पार पाकर आगे ले जाने में सक्षम है। राज्य सरकार का संकल्प गरीबी, पिछड़ेपन तथा बेरोजगारी से मुक्ति दिलाकर राजस्थान को हर क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना है।
उन्होंने 60 दिन की कार्य योजना की त्वरित मॉनिटरिंग तथा क्रियान्विति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इसके लिये साप्ताहिक समीक्षा करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जिला कलक्टर विशेषरूप से ध्यान देकर अपने क्षेत्र में 24 घन्टे घरेलू तथा साढ़े छ: घन्टे बिना रूकावट कृषि बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करवायें। इसके साथ ही उन्होंने पेयजल योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग करने, स्थानीय निकायों, राजकीय अस्पतालों, स्कूलों सहित अन्य सरकारी भवनों में साफ-सफाई, रंग-रोगन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
