कोटा बवाल पर हंगामे के साथ हुआ विधानसभा सत्र का आगाज, कार्यवाही 27 फरवरी तक स्थगित
जयपुर। राजस्थान विधानसभा का आठवां सत्र आज से शुरू हुआ, जिसकी शुरूआत कोटा में हुए बवाल के साथ हुई। विधानसभा में बजट सत्र के पहले दिन शुरूआत ...
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जयपुर। राजस्थान विधानसभा का आठवां सत्र आज से शुरू हुआ, जिसकी शुरूआत कोटा में हुए बवाल के साथ हुई। विधानसभा में बजट सत्र के पहले दिन शुरूआत में राज्यपाल कल्याण सिंह का अभिभाषण पढ़ा गया, इसके साथ ही विधानसभा के सत्र का आगाज हुआ। राज्यपाल के अभिभाषण में नोटबंदी और सर्जिकल स्ट्राइक जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। वहीं अभिभाषण में मोदी नेतृत्व की प्रशंसा भी की गई, जिसमें नोटबंदी से बदली अर्थव्यवस्था का जिक्र किया गया।
विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन कई विधेयक सदन में रखे गए। इसके बाद शोकाभिव्यक्ति और फिर राज्यपाल कल्याण सिंह ने अभिभाषण शुरू किया। अभिभाषण में प्रधानमंत्री के द्वारा 500 और 1000 रुपए के पुराने नोटों का विमुद्रीकरण किए जाने के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि नोटबंदी के चलते भारत दुनिया में एक आर्थिक महाशक्ति के रुप में उभर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डिजिटल क्रांति का सूत्रपात किया है, जिसके चलते आज देशभर में हर वर्ग डिजिटल हो रहा है।
इस दौरान राज्यपाल अभिभाषण में सर्जिकल स्ट्राइक को भी सराहा गया, जिसमें कहा गया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद को कड़ा चुनौतियां दी जा रही है। सर्जिकल स्ट्राइक के माध्यम से आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है, जो आतंक और आतंकवादियों के मुह पर करारा तमाचा है। अभिभाषण मेंं केंद्रीय बजट की भी तारीफ की गई, जिसमें कहा गया कि इस साल का केंंद्रीय बजट गांव और गरीब को समर्पित रहा।
राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान ही विपक्ष के सचेतक गोविंद सिंह डोटासरा खड़े हो गए, जिन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार हर मोर्चे पर विफल हो गई है। सरकार मीटिंग, चीटिंग और सिटिंग में लगी है। इसके बाद निर्दलीय हनुमान बेनीवाल, राजपा विधायक डॉ. किरोड़ीलाल मीणा और मनोज न्यांगली भी खड़े हो गए और बोलने लगे। निर्दलीय हनुमान बेनीवाल ने सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। कुछ देर बाद वे कागज हिलाते हुए वेल में जाने लगे।
इसी दौरान संसदीय कार्य मंत्री राजेंद्र राठौड़ खड़े हो गए और राज्यपाल से अभिभाषण का अंतिम हिस्सा पढ़ने का आग्रह किया। राठौड़ ने कहा कि विपक्ष जिस प्रकार का आचरण कर रहा है, उसे देखते हुए ऐसा नहीं लगता कि अभिभाषण पूरा पढ़ा जाना संभव हो सकेगा।
अभिभाषण के दौरान कांग्रेस, राजपा और निर्दलीय विधायकों के चलते राज्यपाल ने महज 13 मिनट ही अभिभाषण पढ़ा। इसके बाद उन्होंने अभिभाषण का अंतिम पेज पढ़ा और सीट पर बैठ गए। राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सदन की कार्यवाही की शुरूआत विधायक चन्द्रकांता मेघवाल के मामले में हाल ही में कोटा में मचे बवाल पर चर्चा के साथ हुई। इस दौरान कोटा में थानाधिकारी को विधायक पति द्वारा थप्पड़ मारे जाने का मुद्दा छाया रहा। इसके बाद में विधानसभा की कार्यवाही को 27 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन कई विधेयक सदन में रखे गए। इसके बाद शोकाभिव्यक्ति और फिर राज्यपाल कल्याण सिंह ने अभिभाषण शुरू किया। अभिभाषण में प्रधानमंत्री के द्वारा 500 और 1000 रुपए के पुराने नोटों का विमुद्रीकरण किए जाने के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि नोटबंदी के चलते भारत दुनिया में एक आर्थिक महाशक्ति के रुप में उभर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डिजिटल क्रांति का सूत्रपात किया है, जिसके चलते आज देशभर में हर वर्ग डिजिटल हो रहा है।
इस दौरान राज्यपाल अभिभाषण में सर्जिकल स्ट्राइक को भी सराहा गया, जिसमें कहा गया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद को कड़ा चुनौतियां दी जा रही है। सर्जिकल स्ट्राइक के माध्यम से आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है, जो आतंक और आतंकवादियों के मुह पर करारा तमाचा है। अभिभाषण मेंं केंद्रीय बजट की भी तारीफ की गई, जिसमें कहा गया कि इस साल का केंंद्रीय बजट गांव और गरीब को समर्पित रहा।
राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान ही विपक्ष के सचेतक गोविंद सिंह डोटासरा खड़े हो गए, जिन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार हर मोर्चे पर विफल हो गई है। सरकार मीटिंग, चीटिंग और सिटिंग में लगी है। इसके बाद निर्दलीय हनुमान बेनीवाल, राजपा विधायक डॉ. किरोड़ीलाल मीणा और मनोज न्यांगली भी खड़े हो गए और बोलने लगे। निर्दलीय हनुमान बेनीवाल ने सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। कुछ देर बाद वे कागज हिलाते हुए वेल में जाने लगे।
इसी दौरान संसदीय कार्य मंत्री राजेंद्र राठौड़ खड़े हो गए और राज्यपाल से अभिभाषण का अंतिम हिस्सा पढ़ने का आग्रह किया। राठौड़ ने कहा कि विपक्ष जिस प्रकार का आचरण कर रहा है, उसे देखते हुए ऐसा नहीं लगता कि अभिभाषण पूरा पढ़ा जाना संभव हो सकेगा।
अभिभाषण के दौरान कांग्रेस, राजपा और निर्दलीय विधायकों के चलते राज्यपाल ने महज 13 मिनट ही अभिभाषण पढ़ा। इसके बाद उन्होंने अभिभाषण का अंतिम पेज पढ़ा और सीट पर बैठ गए। राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सदन की कार्यवाही की शुरूआत विधायक चन्द्रकांता मेघवाल के मामले में हाल ही में कोटा में मचे बवाल पर चर्चा के साथ हुई। इस दौरान कोटा में थानाधिकारी को विधायक पति द्वारा थप्पड़ मारे जाने का मुद्दा छाया रहा। इसके बाद में विधानसभा की कार्यवाही को 27 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया गया।