गुरू पूर्णिमा पर दी अनोखी गुरु दक्षिणा : सांवलिया के नाम की 11 बीघा जमीन और चार मंजिला मकान
https://khabarrn1.blogspot.com/2016/07/man-donate-11-acres-land-and-four-storey-house-to-sanwalia-temple.html
चित्तौड़गढ़। द्वापर युग के श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता आज भी एक मिसाल के रूप में देखी जाती है, जिसमें सुदामा के तीन मुट्ठी चांवल की कीमत श्रीकृष्ण उसे तीन लोक का मालिक बनाकर चुकाते हैं। कुछ ऐसा ही एक उदाहरण पेश किया है एक शख्स ने, जो श्रीकृष्ण सांवलिया को अपना सब कुछ मानता है। इस शख्स ने अपनी 11 बीघा जमीन और 4 मंजिला मकान अपने आराध्य सांवलिया मंदिर के नाम कर दिया।
यह शख्स डूंगरपुर की आसपुर तहसील के खेड़ा सामौर गांव का रहने वाले अमर पटेल है, जिन्होंने गुरू पूर्णिमा के अवसर पर सेठ सांवलिया को अपना गुरू मानकर गुरू दक्षिणा के रूप में अपनी जमीन और मकान उनके मंदिर के नाम कर दिया। पटेल डूंगरपुर से चित्तौड़गढ़ जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम से मिले और उनसे अपनी 11 बीघा जमीन व चार मंजिला मकान को सांवलिया मंदिर में दान करने की बात की। इस पर अतिरिक्त कलेक्टर ने मंदिर प्रशासन को जमीन की जांच एवं दान प्रक्रिया को पूरा करने के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि 45 वर्षीय अमर पटेल बचपन से ही सांवरिया सेठ के भक्त रहे हैं और उन्हें अपना आराध्य तथ सब कुछ मानते हैं। उनका मानना है कि जो कुछ भी उनके पास है वो सब सांवरिया का ही दिया हुआ है। 4 साल पहले पटेल जी के पिताजी की मृत्यु के समय ही उन्होंने अपनी 16 बीघा ज़मीन में से 11 बीघा जमीन सांवरिया मंदिर के नाम करने का प्रण लिया था।
उल्लेखनीय है कि सांवरिया सेठ का यह मंदिर चित्तौडग़ढ़ जिले में निम्बाहेड़ा तहसील के मंडफिया गांव में स्थित है। यहां श्रीकृष्ण का लगभग 400 वर्ष पुराना अत्यन्त भव्य और विशाल मन्दिर है और मन्दिर में विराजित भगवान को 'सांवलिया सेठ' के नाम से जाना-पहचाना और पुकारा जाता है। सांवरिया सेठ मंदिर में दूर—दूर से लाखों की तादाद मे श्रद्धालु आते हैं और दिल खोलकर दान करते हैं। इस क्षेत्र के आसपास में रहने वाले लोगों में प्रचलित विशेष मान्यता के चलते यहां रुपए-पैसों के अतिरिक्त भी अन्य कई प्रकार की सामग्री भी चढ़ावे में चढ़ाई जाती है, जिनमें गाड़ी की चाबियां, ब्लैंक चैक और मादक पदार्थों समेत कई प्रकार की सामग्री शामिल होती है।
यह शख्स डूंगरपुर की आसपुर तहसील के खेड़ा सामौर गांव का रहने वाले अमर पटेल है, जिन्होंने गुरू पूर्णिमा के अवसर पर सेठ सांवलिया को अपना गुरू मानकर गुरू दक्षिणा के रूप में अपनी जमीन और मकान उनके मंदिर के नाम कर दिया। पटेल डूंगरपुर से चित्तौड़गढ़ जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम से मिले और उनसे अपनी 11 बीघा जमीन व चार मंजिला मकान को सांवलिया मंदिर में दान करने की बात की। इस पर अतिरिक्त कलेक्टर ने मंदिर प्रशासन को जमीन की जांच एवं दान प्रक्रिया को पूरा करने के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि 45 वर्षीय अमर पटेल बचपन से ही सांवरिया सेठ के भक्त रहे हैं और उन्हें अपना आराध्य तथ सब कुछ मानते हैं। उनका मानना है कि जो कुछ भी उनके पास है वो सब सांवरिया का ही दिया हुआ है। 4 साल पहले पटेल जी के पिताजी की मृत्यु के समय ही उन्होंने अपनी 16 बीघा ज़मीन में से 11 बीघा जमीन सांवरिया मंदिर के नाम करने का प्रण लिया था।
उल्लेखनीय है कि सांवरिया सेठ का यह मंदिर चित्तौडग़ढ़ जिले में निम्बाहेड़ा तहसील के मंडफिया गांव में स्थित है। यहां श्रीकृष्ण का लगभग 400 वर्ष पुराना अत्यन्त भव्य और विशाल मन्दिर है और मन्दिर में विराजित भगवान को 'सांवलिया सेठ' के नाम से जाना-पहचाना और पुकारा जाता है। सांवरिया सेठ मंदिर में दूर—दूर से लाखों की तादाद मे श्रद्धालु आते हैं और दिल खोलकर दान करते हैं। इस क्षेत्र के आसपास में रहने वाले लोगों में प्रचलित विशेष मान्यता के चलते यहां रुपए-पैसों के अतिरिक्त भी अन्य कई प्रकार की सामग्री भी चढ़ावे में चढ़ाई जाती है, जिनमें गाड़ी की चाबियां, ब्लैंक चैक और मादक पदार्थों समेत कई प्रकार की सामग्री शामिल होती है।
