नए साल में चुनावी तोहफे, देश में खुलेंगे 58 नए मेडिकल कॉलेज

नई दिल्ली। पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के बाद अब लोकसभा चुनावों की दस्तक के बीच यूपीए सरकार ने नए साल में तोहफों के लिए घोषणाओं ...

नई दिल्ली। पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के बाद अब लोकसभा चुनावों की दस्तक के बीच यूपीए सरकार ने नए साल में तोहफों के लिए घोषणाओं का पिटारा खोलने की शुरुआत कर दी है, जिनमे युवाओं को रोजगार के समेत कई योजनाएं शामिल हैं।

इस कड़ी में बृहस्पतिवार को कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) ने जिला अस्पतालों से संबद्ध 58 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के साथ-साथ एमबीबीएस की 5800 सीट बढ़ाने संबंधी स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रस्ताव पर सहमति की मुहर लगा दी। इससे पहले सरकार ने अल्पसंख्यकों की छात्रवृत्ति के लिए 12वीं पंचवर्षीय योजना में 1200 करोड़ रुपए के बजट को मंजूरी दी थी।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई सीसीईए की बैठक की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री पी.चिदंबरम ने बताया कि मौजूदा जिले या रेफरल अस्पतालों से संबद्ध नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए केंद्र प्रायोजित योजना के संबंध में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है।

यह मंजूरी सीटों की कमी वाले राज्यों में मौजूदा जिला अस्पतालों के उन्नयन के जरिए 58 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए दी गई है। प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 100 सीट होंगी। इस तरह लगभग 5800 सीट बढ़ जाएंगी। इस योजना को अमली जामा पहनाने के लिए केंद्र की ओर से लगभग 8457.40 करोड़ रुपए की सहायता दी जाएगी, जिसमें राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की हिस्सेदारी 2513.70 करोड़ रुपए की होगी।

पूर्वोत्तर राज्यों और विशेष श्रेणी के राज्यों के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच वित्तीय सहायता का अनुपात क्रमश: 90 और 10 का होगा। शेष राज्यों के लिए यह अनुपात 75 और 25 होगा। वित्त मंत्री पी.चिदंबरम ने बताया कि एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना पर लगभग 180 करोड़ रुपए की लागत का अनुमान लगाया गया है। जिला रेफरल अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के बीच दूरी दस किलोमीटर से कम होगी।


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